सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हमेशा बेहतर सोचे लेकिन बुरे के लिए तैयार रहे |(Always look for best but prepare for worst)|

नमस्कार दोस्तो 

दोस्तो दुनिया का हर इंसान जीवन मे सफल होने और कुछ अलग करने की सोचता है। इनमे से कुछ लोग तो सिर्फ सोचते होंगे और कुछ लोग लक्ष्य निर्धारित करके योजना भी बनाते होंगे लेकिन अमल नहीं करते होंगे और कुछ लोग कदम उठाते होंगे लेकिन सफल नहीं हो पाते होंगे। लेकिन ऐसा क्यू होता होगा???
चलिये कोशिश करते है समझने की ।   
                        

अच्छी सोच, और बुरे के लिए तैयार - क्यों ??    

                                                                         दोस्तो एक बात आप हमेशा याद रखिएगा की वक्त अच्छा हो या बुरा हो कभी भी ठहरता नहीं है। समय को बदलने मे देर नहीं लगती। हो सकता है आज अनुकूल परिस्थितियां हो और आने वाले पल मे परिस्थितियां प्रतिकूल हो जाए। और यदि प्रतिकूल परिस्थितियां से निपटने की क्षमता आप मे नहीं है या आपने इसके लिए तैयार नहीं रहे हो तो आपको बहुत बड़ा झटका लग सकता है । 
   

बेहतर कैसे बने ??                                

                              जो बड़े लोग और सफल लोग है, अगर आप उनके बारे मे गौर करेंगे तो पाएंगे की वे जब भी कोई योजना बनाते है या कुछ नया करना चाहते है तो साथ मे एक दूसरी योजना भी तैयार रखते है। वे तय करते है की यदि जैसा हम सोच रहे है, यदि परिस्थितियां उनके विपरीत हो जाए तो क्या किया जाएगा, कैसे हम अपने आप को संभालेंगे। यही कारण है की अगर वे लोग अगर असफल भी होते है तो उन्हे ज्यादा तकलीफ़ों का सामना नहीं करना पड़ता और उनके सफल होने की उम्मीद ज्यादा होती है । 

आपको क्या करना चाहिए ??

                              पहली बात आपको हमेशा अपने आप को बेहतर बनाने और अपने काम को और भी ज्यादा अच्छे से करने ये कुछ नया जानने के बारे में कुछ न कुछ प्रयास करते रहने चाहिए। 
                              दूसरी बात महान लोगो की तरह अपनी सोच को बनाने का प्रयास करना चाहिए।  एक परिस्तिथि को अलग अलग तरीके से देखने और किसी समस्या को हल करने के हर तरीके को जानने की सोच बनाने का प्रयास करते रहना चाहिए।
                              तीसरी और महत्वपूर्ण बात ये की आप चाहे किसी भी कार्य को करे लेकिन पुरे उत्साह,उमंग और अच्छे विचार के साथ और पूर्ण तयारी के साथ करे। लेकिन आप एक सम्भावना यह रख कर की अगर कुछ गलत हो जाता है या प्रयास सफल नहीं 
हो पाता है ,तो उस दशा में आप करेंगे इसके लिए भी योजना बनाकर चले।

                                    

निष्कर्ष सार :-

                                जहा तक मेरा मानना है बहुत से लोगो मे से किसी के सफल होने और किसी के सफल न होने के ये मुख्य कारण है। और आपको क्या समझना है और क्या करना है, इस पर मैंने अपने विचार रखे। उम्मीद है आपको ये बात अवश्य समझ आई होगी । 

(ये मेरे व्यक्तिगत विचार है, आप इससे सहमत और असहमत हो सकते है ।) 

धन्यवाद 
जय हिन्द 
जय भारत 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Jivan samjhane wale dohe | जीवन समझाने वाले दोहे |

कुछ दोहे जो आपके जीवन को समझने में काम आएंगे। दोस्तों आपने बहुत से दोहे पढ़े होंगे, सुने होंगे, लेकिन उसका वास्तविक अर्थ शायद ही किसी ने सीखा होगा। आज बात करते है, उनके वास्तविक अर्थ की। दोस्तों कबीरदास जी, रहीम जी और तुलसीदास जी तथा और भी बहुत से लोगो ने जिंदगी की हकीकत को देखकर,  उन्हें दोहो में पिरोया था। ऐसे कुछ दोहे है :- 1.) जैसे तिल में तेल है, ज्यों चकमक में आग,      तेरा साई तुझमे है, तू जाग सके तो जाग। दोस्तों यह दोहा कबीरदास जी का है। मतलब है, असली मूल तत्व अंदर ही होता है। उसी तरह भगवन भी हमारे अंदर ही है। हमें पहचानने की जरुरत है।  2.) एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय। ‘रहिमन’ मूलहि सींचिबो, फूलहि फलहि अघाय॥                                             दोस्तों यह दोहा रहीम जी द्वारा रचित है।  इसका सीधा सा अर्थ ये है की अगर हम किसी एक काम को पूरी लगन और मेहनत से करे तो हमें उस काम में महारत हासिल हो सकती है, और...

जीवन में आत्म निर्भर कैसे बने? Aatmnirbher / Self-dependent kaise bane?

  मेरा मानना है की प्रत्येक इंसान (औरत या आदमी) को जिंदगी में आत्मनिर्भर बनना चाहिए. लेकिन ये कोई प्रक्रिया नहीं है जिसे फॉलो करके आप आत्मनिर्भर हो जाओगे. आत्मनिर्भरता एक गुण है एक आदत है, एक कला है, जिंदगी को जीने की, जो की सतत प्रयासों से धीरे धीरे आपमें आती है. आत्मनिर्भर यानि क्या :- आत्मनिर्भर का मतलब है ऐसा काम जिसके लिए आपको किसी पर निर्भर न रहना पड़े. जब आपको यह विश्वास हो जाये की जो कार्य दूसरा व्यक्ति कर सकता है, वही काम आप भी उतनी ही कुशलता के साथ कर सकते हो तो आप ये समझ लीजिये की आप उस कार्य के लिए आत्मनिर्भर हो चुके है .ऐसा ही बाकि सारे कामो के लिए समझ लीजिये . आत्मनिर्भरता में वो सारे काम आते है जिसे आप पसंद करते है जैसे :- खाना बनाना, घर के छोटे मोटे काम, कमाई के साधन और भी बहुत सारे. आत्मनिर्भर कैसे बनते है :- कुछ भी होने या बनने के लिए क्या जरुरी है, एक लक्ष्य और मेहनत. ठीक इसी तरह आत्मनिर्भर होने के लिए के लिए भी यही गुण आवश्यक है . सबसे पहले तो आपको ये तय करना है की आपको किस कार्य में आत्मनिर्भर बनना है , उसके बाद उस कार्य को खुद से करने की जरुरत है. जरुरत है उस क...